"प्रेरक"
दिनभरमेंपढ़ताथा'दिनकर'
और'मुंशीजी'केलेख
शुरूसेपसंदथेमुझे'ग़ालिब'और'फ़ैज़'
'निराला'थाबचपनमेरा
'जॉनसाहब'सेजैसेकोईरिश्ताहै
'भगतसिंह'केविचारोसे
प्रेरितमैंऔरमेरेजैसेअनेक
'हरिवंशजी'कीमधुशालामें
डूबनेकाकरताहैमनकभी
तोकभीफ़ासलाहुआअपनोसे
तो'निदाफ़ाजली'केक़रीबगयामैं
'अमृताप्रीतमजी'सेजानाकी
ख़ुदालेगाइम्तिहानमेराभीइश्क़में
'साहिर'सालिखपाऊँमैंभीकभी
'कुमार'कोपढ़केये'विश्वास'जगामुझ
में