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Divyansh "Dard" Akbarabadi
ik tamannaa ajab shaheed hui
ik tamannaa ajab shaheed hui | इक तमन्ना अजब शहीद हुई
- Divyansh "Dard" Akbarabadi
इक
तमन्ना
अजब
शहीद
हुई
ज़िंदगी
मौत
की
मुरीद
हुई
एक
दो
साल
तो
लगेंगे
उसे
शा'इरी
तू
भी
तो
जदीद
हुई
- Divyansh "Dard" Akbarabadi
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मौत
का
एक
दिन
मुअय्यन
है
नींद
क्यूँँ
रात
भर
नहीं
आती
Mirza Ghalib
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जन्नत
में
आ
गया
था
किसी
अप्सरा
पे
दिल
जिसकी
सज़ा-ए-मौत
में
दुनिया
मिली
मुझे
Ankit Maurya
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ज़िंदगी
तू
ने
मुझे
क़ब्र
से
कम
दी
है
ज़मीं
पाँव
फैलाऊँ
तो
दीवार
में
सर
लगता
है
Bashir Badr
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हम
चाहते
थे
मौत
ही
हम
को
जुदा
करे
अफ़्सोस
अपना
साथ
वहाँ
तक
नहीं
हुआ
Waseem Nadir
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रूह
मेरी
अब
करेगी
इंतिज़ार
क़ब्र
में
ये
फ़ोन
भी
रख
दीजिए
Tanoj Dadhich
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यहाँ
मौत
का
ख़ौफ़
कुछ
यूँँ
है
सबको
कि
जीने
की
ख़ातिर
मरे
जा
रहे
हैं
Sapna Moolchandani
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लेने
आएगी
मौत
जब
मुझको
मेरे
पहलू
में
आब-ए-ज़मज़म
हो
Amaan Pathan
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बरस
रही
है
आँखें
हैं
ये
इनको
बादल
मत
कहना
मौत
हुई
है
दिल
की
मेरे
उसको
घाइल
मत
कहना
जीवन
भर
वो
साथ
रहेगा
प्यार
करेगा
बस
तुमको
मुझको
पागल
कह
देती
थी
उसको
पागल
मत
कहना
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Tanoj Dadhich
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ज़िन्दगी
भर
मैं
भले
हर
बात
पर
रोता
रहूँ
मौत
पे
मेरी
मगर
हर
शख़्स
रोना
चाहिए
Ashish Awasthi
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मैं
आप
अपनी
मौत
की
तय्यारियों
में
हूँ
मेरे
ख़िलाफ़
आप
की
साज़िश
फ़ुज़ूल
है
Shahid Zaki
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जो
मैं
उसके
हिस्से
में
सारा
हुआ
तो
फिर
इक
बार
वो
सब
दुबारा
हुआ
तो
तिरे
ख़्वाब
तो
ऐश
ओ
आराम
के
हैं
मिरे
साथ
जो
बस
गुज़ारा
हुआ
तो
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Divyansh "Dard" Akbarabadi
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नदी
आँखें
भँवर
ज़ुल्फ़ें
कहाँ
तैरूँ
कहाँ
डूबूँ
कि
तेरे
शहर
में
सब
की
अदाएँ
एक
जैसी
हैं
Divyansh "Dard" Akbarabadi
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जिसे
इशारे
करना
तक
मुहाल
है
पता
है
उस
से
मेरी
बोल
चाल
है
नए
सिरे
से
सब
बता
शुरू
करें
ये
तुझ
सेे
मेरा
आख़िरी
सवाल
है
उसे
लगा
कि
हाथ
में
सिंदूर
है
मगर
मेरे
तो
हाथ
में
गुलाल
है
तेरी
तो
ख़्वाहिशें
हैं
आसमान
पर
मुझे
लगा
था
तू
भी
हम
ख़याल
है
दिमाग़
का
तो
तेज़
है
ऐ
दर्द
तू
मगर
यहाँ
तो
दिल
का
इस्तिमाल
है
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Divyansh "Dard" Akbarabadi
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पहले
ख़याल
रख
मिरा
मेहमान
कर
मुझे
फिर
अपनी
कोई
चाल
से
हैरान
कर
मुझे
हैं
कौन
आप,
याद
नहीं,कब
मिले
थे
हम
इतना
भी
ख़ुश
न
होइए
पहचान
कर
मुझे
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Divyansh "Dard" Akbarabadi
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तब
मिरा
प्यार
उन्हें
रास
नहीं
आया
था
अब
झुलसते
हैं
मिरे
यार
की
तस्वीरों
से
Divyansh "Dard" Akbarabadi
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