kavach kundal doon aisa daan hooñ main | कवच ,कुंडल दूँ ऐसा दान हूँ मैं

  - "Dharam" Barot
कवच,कुंडलदूँऐसादानहूँमैं
नहींभगवान्तो,इंसानहूँमैं
हराकरकृष्णभीमुझकोथाख़ुश
ग़लतकेसाथरहकरमानहूँमैं
दियाहैसाथमैंनेपापकातो
समझाकर्णसाविद्वानहूँमैं
किसीकेवास्तेतोकुछनहींपर
तुम्हारेवास्तेतोजानहूँमैं
नज़ाराजीतकासबकाअलगहै
जीताजबतलकअनजानहूँमैं
  - "Dharam" Barot
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