jo zindagi thii zindagi rahi nahin | जो ज़िंदगी थी ज़िंदगी रही नहीं

  - "Dharam" Barot
जोज़िंदगीथीज़िंदगीरहीनहीं
उदासीभीमेरीमेरीरहीनहीं
क़रीबइतनाभीहोनातूकभी
कीवोकहेतेरीकमीरहीनहीं
किसानकामकररहाहैखेतमें
मगरज़मींकिसानोंकीरहींनहीं
लिखाहैदर्दकोग़ज़लमेंअच्छेसे
सभीनेबातयेनईरहीनहीं
येबोलनेसेपहलेसोचनाथादोस्त
थीदोस्तीवोदोस्तीरहीनहीं
  - "Dharam" Barot
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