ye sar | ये सर्दी के मौसम की बारिश

  - Deep kamal panecha
येसर्दीकेमौसमकीबारिश
मिरीहीहैशायदगुज़ारिश
आएकहींचैनमुझको
सोबरसातनेकीहैसाज़िश
रहेतूसदासाथमेरे
येमेरीग़ज़लकीहैख़्वाहिश
कमरपेदियातिलख़ुदाने
तिरेहुस्नकी,कीनुमाइश
खफ़ाकरतीकहकेमुझेझूट
जुदाकरनेकीकरतीसाज़िश
येक्यूँँकरतेहोपूछामैंने
कहेंआदतोंकीहैवर्ज़िश
मुझेरहनाहैउसकेदिलमें
लगातारकरताहूँकोशिश
यक़ींकैसेख़ुदपेदिलाऊँ
वोतोड़ेज़राअपनीबंदिश
वोइकबारअपनाकहेंबस
करूँँगाउमरभरपरस्तिश
ज़रादेखइस
मेंउतरके
मुहब्बतबड़ीप्यारीलग़्ज़िश
नहींबातकीआजउससेे
हैकुछ"दीप"केदिलमेंरंज़िश
  - Deep kamal panecha
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