dabii hui chand khwahishon pe rahi hai chal zindagaani mirii | दबी हुई चंद ख़्वाहिशों पे रही है चल ज़िन्दगानी मेरी

  - Deep kamal panecha
दबीहुईचंदख़्वाहिशोंपेरहीहैचलज़िन्दगानीमेरी
मिरेअज़ीज़ोंकीसाज़िशोंपेरहीहैचलज़िंदगानीमेरी
तमन्नाकिसकोहैज़िन्दगानीकी,मौतकाभीहैखौफ़किसको
सोज़ख़्मोंकीहीनवाज़िशोंपेरहीहैचलज़िंदगानीमेरी
सुनेकहाँकोईमुझको,आँखोंतलकभीआँसूनहींहैआता
कलामकरनेकीवर्ज़िशोंपेरहीहैचलज़िंदगानीमेरी
भराहुआहैमिरीनिग़ाहोंमेंइकसमुंदरकेजितनाहीदुख
हँसाने-हँसनेकीकोशिशोंपेरहीहैचलज़िंदगानीमेरी
दुखोंकेबिनज़िन्दगानीजीनेमें,अबमुझेहोताहैबहुतदुख
यूँँसमझोख़ुशियोंसे,रंज़िशोंपेरहीहैचलज़िंदगानीमेरी
सुख़नमिरीज़िन्दगी,मुझेऔरकुछकहाँआताहैसुख़नमें
तिरेबदनकीसताइशोंपेरहीहैचलज़िंदगानीमेरी
  - Deep kamal panecha
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