din kathin jaise hai sitaaron par | दिन कठिन जैसे है सितारों पर

  - Dard Faiz Khan
दिनकठिनजैसेहैसितारोंपर
रातभारीहैबेक़रारोंपर
तुझकोमालूमहीनहींपड़ता
क्यागुज़रतीहैसोगवारोंपर
करलेतस्ख़ीरतूज़मींअपनी
हैनज़रमेरीचाँदतारोंपर
नाचताहैजोनाचेजीभरके
मैंनहींनाचताइशारोंपर
जिसकोजलवातिरामुयस्सरहो
क्यूँनज़रडालेवोनज़ारोंपर
रंगलेआईहैदु'आशायद
फूलखिलनेलगेमजा़रोंपर
हरबुरेवक़्तमेंमुझेथामा
नाज़हैमुझकोअपनेयारोंपर
जिनकोसमझाथाख़ुदामैंने
वोखड़ेरहगएकिनारोंपर
फ़ैज़कोईनहींमिलाकरता
इश्क़चलताहैबसख़सारोंपर
  - Dard Faiz Khan
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