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Chetan
tere bin ham kahaan hue paagal
tere bin ham kahaan hue paagal | तेरे बिन हम कहाँ हुए पागल
- Chetan
तेरे
बिन
हम
कहाँ
हुए
पागल
हम
समझदार
क्यूँ
कहें
ख़ुद
को
- Chetan
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तेरे
शैदाई
पागल
हो
चुके
हैं
तिरी
तस्वीर
चू
में
जा
रहे
हैं
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Siddharth Saaz
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तुम्हारी
बात
करने
की
अदा
ने
ही
किया
पागल
न
जाने
हाल
क्या
होता,
अगर
तुम
शा'इरी
करती
Tanoj Dadhich
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तेरी
गली
को
छोड़
के
पागल
नहीं
गया
रस्सी
तो
जल
गई
है
मगर
बल
नहीं
गया
मजनूँ
की
तरह
छोड़ा
नहीं
मैं
ने
शहर
को
या'नी
मैं
हिज्र
काटने
जंगल
नहीं
गया
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Ismail Raaz
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इक
नज़ाकत
से
मुझे
उसने
पागल
बोला
जब
मैंने
चूम
लिया
प्यार
से
उसके
लब
को
Parwez Akhtar
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दिल-ए-सोज़ाँ
को
भी
महका
रहे
हैं
हमें
जो
ख़्वाब
तेरे
आ
रहे
हैं
तेरे
शैदाई
पागल
हो
चुके
हैं
तिरी
तस्वीर
चू
में
जा
रहे
हैं
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Siddharth Saaz
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अब
मेरी
बात
ये
अफ़वाह
लगेगी
लेकिन
चाहता
हूँ
मैं
तुम्हें
आज
भी
पागल
की
तरह
Pravin Rai
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फूल
से
लेकर
ये
धनिया
लाने
तक
के
इस
सफ़र
को
मुझको
तेरे
साथ
ही
तय
करने
की
ख़्वाहिश
है
पगली
Harsh saxena
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मेरा
हाथ
पकड़
ले
पागल,
जंगल
है
जितना
भी
रौशन
हो
जंगल,
जंगल
है
Umair Najmi
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ये
सोचते
रहना
मुझे
पागल
ही
न
कर
दे
ये
सोचते
रहना
कि
मैं
पागल
तो
नहीं
हूँ
Aamir Azher
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दौलत
शोहरत
बीवी
बच्चे
अच्छा
घर
और
अच्छे
दोस्त
कुछ
तो
है
जो
इन
के
बाद
भी
हासिल
करना
बाक़ी
है
कभी-कभी
तो
दिल
करता
है
चलती
रेल
से
कूद
पड़ूॅं
फिर
कहता
हूॅं
पागल
अब
तो
थोड़ा
रस्ता
बाक़ी
है
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Zia Mazkoor
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आदमी
लफ़्ज़
है
कहानी
में
जितने
मतलब
हैं
उतने
साथी
हैं
Chetan
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मेरी
दहलीज़
पार
कर
के
वो
इश्क़
का
दायरा
बढ़ाए
तो
क्या
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राम
मैं
भी
नहीं
न
रावण
वो
सीता
जिसको
चुने
वो
राम
बने
Chetan
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तू
ज़रूरी
न
इतना
हो
जाए
हाथ
छोड़े
तो
पाँव
पड़
जाऊँ
Chetan
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किरदार
रब
का
भी
निभा
सकता
हूँ
मैं
तेरा
हो
कर
तुझ
सेे
छुपा
सकता
हूँ
मैं
कितने
दिनों
के
बाद
तू
आया
यहाँ
क्या
क्या
हुआ
कैसे
बता
सकता
हूँ
मैं
है
सीखना
तुझको
विदा
करने
का
ढब
क्या
कल
तेरी
शादी
में
आ
सकता
हूँ
मैं
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Chetan
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