hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Chetan
saalon baghair tere rah kar bhi sochte hain
saalon baghair tere rah kar bhi sochte hain | सालों बग़ैर तेरे रह कर भी सोचते हैं
- Chetan
सालों
बग़ैर
तेरे
रह
कर
भी
सोचते
हैं
कैसे
कटेगी
तेरे
बिन
उम्र
ये
हमारी
- Chetan
Download Sher Image
कोई
सवाल
ज़िंदगी
का
हल
नहीं
हुआ
पढ़ने
में
सारी
उम्र
गवांने
के
बावजूद
Ankit Maurya
Send
Download Image
40 Likes
उम्र
भर
कौन
निभाता
है
त'अल्लुक़
इतना
ऐ
मेरी
जान
के
दुश्मन
तुझे
अल्लाह
रक्खे
Ahmad Faraz
Send
Download Image
30 Likes
शाम
ढलने
से
फ़क़त
शाम
नहीं
ढलती
है
उम्र
ढल
जाती
है
जल्दी
पलट
आना
मेरे
दोस्त
Ashfaq Nasir
Send
Download Image
51 Likes
वो
अजब
शख़्स
था
हर
हाल
में
ख़ुश
रहता
था
उस
ने
ता-उम्र
किया
हँस
के
सफ़र
बारिश
में
Sahiba sheharyaar
Send
Download Image
34 Likes
काँटों
से
दिल
लगाओ
जो
ता-उम्र
साथ
दें
फूलों
का
क्या
जो
साँस
की
गर्मी
न
सह
सकें
Akhtar Shirani
Send
Download Image
26 Likes
जो
नासमझ
हैं
उठाते
हैं
ज़िन्दगी
के
मज़े
समझने
वाले
तो
बस
उम्र
भर
समझते
हैं
Amit Bajaj
Send
Download Image
47 Likes
उम्र
से
मेरी
फ़नकारी
को
मत
आँको
उस्तादों
से
बेहतर
ग़ज़लें
कहता
हूँ
Harsh saxena
Send
Download Image
44 Likes
आख़िर
को
हँस
पड़ेंगे
किसी
एक
बात
पर
रोना
तमाम
उम्र
का
बे-कार
जाएगा
Khursheed Rizvi
Send
Download Image
60 Likes
चाह
थी
दो
जहाँ
की
मगर
देखिए
इक
गली
से
गुज़रता
रहा
उम्र
भर
Ashraf Jahangeer
Send
Download Image
39 Likes
अब
तक
हमारी
उम्र
का
बचपन
नहीं
गया
घर
से
चले
थे
जेब
के
पैसे
गिरा
दिए
Nashtar Khaanqahi
Send
Download Image
22 Likes
Read More
तुम
लौट
आओ
जिस
सेे
वो
राह
ढूँढते
थे
अब
है
नज़र
ख़ुदा
पे
या
बस
रक़ीब
पे
है
Chetan
Send
Download Image
1 Like
तख़ल्लुस
में
जो
तेरा
नाम
मिलता
तो
हर
अध्याय
को
अंजाम
मिलता
अगर
तहक़ीक़
का
अंजाम
ये
है
तो
बेहतर
था
मुझे
ईहाम
मिलता
मुझे
ख़ुशियों
की
जो
उम्मीद
होती
तो
मैं
ग़म
में
ज़रा
नाकाम
मिलता
Read Full
Chetan
Download Image
1 Like
बिन
कहे
कुछ
सुनी
मेरी
कुछ
दिन
जाने
के
बाद
वो
रही
कुछ
दिन
मेरे
ग़म
में
रही
ख़ुशी
कुछ
दिन
वो
भी
था
हिज्र
में
दुखी
कुछ
दिन
जिन
दिनों
तुझ
सेे
मिलना
मुमकिन
था
उन
दिनों
में
भी
तू
मिली
कुछ
दिन
तुझ
में
मैं
मुझ
में
तू
भटकता
था
तब
ठिकाने
लगा
था
जी
कुछ
दिन
हमने
जाना
नई
मोहब्बत
को
मय-कदे
में
रहे
चढ़ी
कुछ
दिन
मैं
भी
जीने
लगूँगा
शायद
गर
चारा-गर
कह
दे
बस
वही
कुछ
दिन
Read Full
Chetan
Download Image
1 Like
क्या
कहें
अपनी
बेबसी
हमने
रो
पड़े
तो
मुआफ़ी
माँगी
है
Chetan
Send
Download Image
1 Like
आख़िरश
जब
सफ़ाई
माँगी
तो
साफ़
इनकार
ही
मिला
हम
को
Chetan
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Deshbhakti Shayari
Aawargi Shayari
Bhai Shayari
Bimar Shayari
Khushi Shayari