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Chetan
main mar gaya hooñ maan kar
main mar gaya hooñ maan kar | मैं मर गया हूँ मान कर
- Chetan
मैं
मर
गया
हूँ
मान
कर
अंजान
है
सब
जान
कर
- Chetan
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वो
तिरे
नसीब
की
बारिशें
किसी
और
छत
पे
बरस
गईं
दिल-ए-बे-ख़बर
मिरी
बात
सुन
उसे
भूल
जा
उसे
भूल
जा
Amjad Islam Amjad
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हम
तो
समझे
थे
कि
हम
भूल
गए
हैं
उन
को
क्या
हुआ
आज
ये
किस
बात
पे
रोना
आया
Sahir Ludhianvi
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सुब्ह
तक
वज्ह-ए-जाँ-कनी
थी
जो
बात
मैं
उसे
शाम
ही
को
भूल
गया
Jaun Elia
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हाथ
मेरे
भूल
बैठे
दस्तकें
देने
का
फ़न
बंद
मुझ
पर
जब
से
उस
के
घर
का
दरवाज़ा
हुआ
Parveen Shakir
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जो
अंजान
थे
वो
मेरे
यार
निकले
मगर
जो
भी
अपने
थे
बेकार
निकले
ज़मीं
खा
गई
उन
वफ़ाओं
को
आख़िर
सितम
ये
हुआ
हम
गुनहगार
निकले
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Hameed Sarwar Bahraichi
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परिंद
शाख़
पे
तन्हा
उदास
बैठा
है
उड़ान
भूल
गया
मुद्दतों
की
बंदिश
में
Khaleel Tanveer
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या'नी
तुम
वो
हो
वाक़ई
हद
है
मैं
तो
सच-मुच
सभी
को
भूल
गया
Jaun Elia
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अपना
बचपन
भूल
बैठा
हूँ
मगर
अब
भी
तेरा
रोल
नंबर
याद
है
Salman Zafar
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अब
तो
हर
बात
याद
रहती
है
ग़ालिबन
मैं
किसी
को
भूल
गया
Jaun Elia
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सारे
ग़म
भूल
गए
आपके
रोने
पे
मुझे
किसको
ठंडक
में
पसीने
का
ख़्याल
आता
है
आखरी
उम्र
में
जाते
है
मदीने
हम
लोग
मरने
लगते
है
तो
जीने
का
ख़याल
आता
है
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Nadir Ariz
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हादसा
तो
बड़ा
था
लेकिन
क्या
पेड़
मर
जाए
डाली
कटने
पर
Chetan
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साँसें
बढ़ती
थी
पास
आते
ही
तेरी
फ़ुर्क़त
में
मरना
वाजिब
है
Chetan
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मुश्किलें
बढ़
गईं
मोहब्बत
में
जब
से
जाना
है
क्या
मोहब्बत
है
Chetan
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सोच
कर
ये
चला
तेरे
घर
से
बोझ
कुछ
तो
घटे
तेरे
सर
से
कम
असर
ज़ख़्म
का
तभी
होगा
जब
मिलेगी
निगाह
दिलबर
से
देख
क़ातिल
भुला
चुके
हैं
हम
जो
शिकायत
हमें
थी
ख़ंजर
से
वो
जिन्हें
हम
नदीम
कहते
थे
दर्द
देता
रहा
वो
नश्तर
से
याद
में
उसकी
खो
गए
हैं
हम
कोई
रिश्ता
रहा
न
रहबर
से
जाँ
किसी
अपने
पर
लुटा
दी
थी
कोई
रिश्ता
नहीं
है
पैकर
से
ख़्वाब
कुछ
यूँँ
दिखा
गया
था
वो
नींद
खुलती
थी
उसकी
झाँझर
से
देख
मुस्कान
मेरे
चेहरे
की
वो
मुझे
खा
रहा
है
अंदर
से
कौन
इस
भीड़
में
तेरा
चेतन
लोग
रहते
हैं
दूर
मुज़्तर
से
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Chetan
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सबकी
आँखों
से
बच
के
निकले
हैं
तौर
मुझ
सेा
है
शे'र
मेरे
हैं
इश्क़
हल्का
तो
उतरे
बोतल
में
राम
सा
हो
तो
संग
तैरे
हैं
जिसपे
ये
ज़िंदगी
यक़ीं
करती
हमने
क्या
वैसे
ख़्वाब
देखे
हैं
सुन
कहीं
खा
न
ले
ज़बाॅं
अपनी
कहता
है
जो
कि
ज़ख़्म
गहरे
हैं
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