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Chetan
itnaa dozakh ka khauf rakhte ho
itnaa dozakh ka khauf rakhte ho | इतना दोज़ख़ का ख़ौफ़ रखते हो
- Chetan
इतना
दोज़ख़
का
ख़ौफ़
रखते
हो
माँ
के
क्या
पैर
कम
दबाए
हैं
- Chetan
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बाप
ज़ीना
है
जो
ले
जाता
है
ऊँचाई
तक
माँ
दु'आ
है
जो
सदा
साया-फ़गन
रहती
है
Sarfraz Nawaz
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किताबों
से
निकल
कर
तितलियाँ
ग़ज़लें
सुनाती
हैं
टिफ़िन
रखती
है
मेरी
माँ
तो
बस्ता
मुस्कुराता
है
Siraj Faisal Khan
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दिखाते
हैं
पड़ोसी
मुल्क
आँखें
तो
दिखाने
दो
कहीं
बच्चों
के
बोसे
से
भी
माँ
का
गाल
कटता
है
Munawwar Rana
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अब
शहर
की
थकावट
बेचैन
कर
रही
है
अब
शाम
हो
गई
है
चल
माँ
से
बात
कर
लें
Akash Rajpoot
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पहले
अपनी
माँ
को
याद
किया
हमने
फिर
ज़ोमैटो
से
खाना
मंगवाया
है
-
तनोज
दाधीच
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Tanoj Dadhich
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जब
चली
ठंडी
हवा
बच्चा
ठिठुर
कर
रह
गया
माँ
ने
अपने
ला'ल
की
तख़्ती
जला
दी
रात
को
Sibt Ali Saba
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सबको
बस
पानी
पीने
से
मतलब
है
बस
माँ
को
चिंता
है
मटका
भरने
की
Tanoj Dadhich
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राम
भी
हैं
कृष्ण
भी
हैं
और
भोलेनाथ
हैं
माँ
तुम्हारे
साथ
हैं
तो
सब
तुम्हारे
साथ
हैं
Tanoj Dadhich
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हमने
जिस
मासूम
परी
को
अपने
दिल
की
जाँ
बोला
था
उसने
हमको
धोखा
देकर
और
किसी
को
हाँ
बोला
था
सारे
वादे
भूल
गई
तुम
कोई
बात
नहीं
जानेमन
लेकिन
ये
कैसे
भूली
तुम
मेरी
माँ
को
माँ
बोला
था
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Tanoj Dadhich
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घर
की
इस
बार
मुकम्मल
मैं
तलाशी
लूँगा
ग़म
छुपा
कर
मिरे
माँ
बाप
कहाँ
रखते
थे
Unknown
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मैं
मर
गया
हूँ
मान
कर
अंजान
है
सब
जान
कर
Chetan
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अब
भी
जिस
दर्जा
याद
आते
हो
मुझको
बीमारी
ज़ेहनी
लगती
है
Chetan
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सब
सेे
मिलते
हैं
बिछड़ने
के
लिए
कुछ
तो
हासिल
हो
ख़सारे
के
लिए
चीर
कर
मुझको
पढ़ा
सबने
तुझे
यानी
तू
ख़त
है
लिफ़ाफ़े
के
लिए
इतना
बदला
क्यूँ
इसे
गर
जाना
था
मेरा
घर
नइँ
था
किराए
के
लिए
अपने
पिंजरे
को
खुला
रखना
कि
ये
घर
ज़रूरी
था
परिंदे
के
लिए
तुझपे
जाती
है
नज़र
अब
भी
वो
ही
क़ैद
मैं
हूँ
जिस
तक़ाज़े
के
लिए
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Chetan
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कितना
ख़ामोश
हो
के
बैठा
हूँ
तेरी
आवाज़
सुनने
बैठा
हूँ
कौन
है
ये
जो
लौट
आया
है
कौन
हूँ
कब
से
याँ
पे
बैठा
हूँ
मिन्नतें
जिस
सेे
की
कहाँ
आया
किस
से
नज़रें
चुराए
बैठा
हूँ
तब
कि
जब
तू
कहीं
नहीं
होगा
कब
से
वो
लम्हा
टाले
बैठा
हूँ
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पहले
इंसानों
को
परखती
हो
द्रोपदी
कृष्ण
को
पुकारो
तुम
Chetan
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