furtee pe jaise chadhta hai roz khaal ka bojh | फुर्ती पे जैसे चढ़ता है रोज़ खाल का बोझ

  - Chetan
फुर्तीपेजैसेचढ़ताहैरोज़खालकाबोझ
मेरेदिमाग़मेंहैतेरेख़यालकाबोझ
जबतकउरूजपेथायेरंजकुछनहींथे
शानेझुकेहुएहैंआयाज़वालकाबोझ
कबसेबिगड़रहाहैरिश्तोंकायेतवाज़ुन
काँधेपेतेरेपायाइकग़ैरबालकाबोझ
जोफ़ोनकोउठाकररिश्ताबचापाया
कैसेउठाएमेरेवोइंतिक़ालकाबोझ
फिरसेकुरेदलेंगेख़ुदपरनिशानउसका
ज़ख़्मोंपेडालताहैक्यूँइंदिमालकाबोझ
तुमउम्रभरबताओबसहालचालमुझको
पहचानहीमिटातीहैबोलचालकाबोझ
जिसकोपताहैरस्तेकेबादकुछनहींहै
उसपरमुसाफ़िरोंकीहैदेखभालकाबोझ
  - Chetan
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy