ham khoob jaante hain phir vo hi gham milenge | हम ख़ूब जानते हैं फिर वो ही ग़म मिलेंगे

  - Abhishek Bhadauria 'Abhi'
हमख़ूबजानतेहैंफिरवोहीग़ममिलेंगे
जिसराहजारहेहैंकाफ़िर–सनममिलेंगे
तुमजानलोयेजानाँकुछभीकहेज़माना
जोहमसेेकममिलेहैंहमउनसेेकममिलेंगे
जबज़िंदगीसेहमकोकुछभीनहींमिलाहै
सोज़िंदगीकोकैसेफिरयारहममिलेंगे
कमरेमेंतुमकोमेरेकुछऔरक्यामिलेगा
सिगरेटजलीमिलेगीकाग़ज़क़लममिलेंगे
कबशामज़िंदगीकीफिरउसतरहकटेगी
कबखेलनेकोफिरउनज़ुल्फ़ोंकेख़ममिलेंगे
इसराह-ए-इश्क़मेंतोकुछभीनहींबदलता
ज़ुल्म–ओ–सितममिलेथेज़ुल्म–ओ–सितममिलेंगे
वोदूरजाचुकेहैंइतने‘अभी’किउनको
जबतकख़बरमिलेगीहममुख़्ततममिलेंगे
  - Abhishek Bhadauria 'Abhi'
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