jahaan chalti nahin marzi hamaari | जहाँ चलती नहीं मर्ज़ी हमारी

  - Ashutosh Kumar "Baagi"
जहाँचलतीनहींमर्ज़ीहमारी
कहानीऐसीक्यूँँलिक्खीहमारी
हुआअच्छाजोवोमिलनेआया
थीनीयतभीनहींअच्छीहमारी
कभीतुमख़्वाबमेंआकरतोदेखो
लगीचलनेहैअबबच्चीहमारी
बिछड़करहमसेेवोख़ुशहैअगरतो
मोहब्बतथीनहींसच्चीहमारी
रहीहैइश्क़मेंकुछऐसीक़िस्मत
मरीहैडूबकरमछलीहमारी
रक़ीबआकरफिरएकदिनमुझसेेबोला
चलोख़ालीकरोगद्दीहमारी
वोउसकाबातकरनेकाबहाना
दिखाओखोलकरमुठ्ठीहमारी
हमेंख़ैरातमेंसबमिलरहाथा
फटीनीचेसेथीझोलीहमारी
यहाँदुश्वारहैसोनाहमारा
तुम्हेंलगताकिहैचाँदीहमारी
गलेसेलगहीजाओतुमयेकहकर
अरेतुमजानहो"बाग़ी"हमारी
  - Ashutosh Kumar "Baagi"
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