hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Shoonya
raahguzaar koi nahin hai rehnuma koi nahin
raahguzaar koi nahin hai rehnuma koi nahin | रहगुज़र कोई नहीं है रहनुमा कोई नहीं
- Shoonya
रहगुज़र
कोई
नहीं
है
रहनुमा
कोई
नहीं
इस
सफ़र
में
रुकने
की
भी
है
जगह
कोई
नहीं
तुझको
मिल
तो
जाएँगे
अब
हम-सफ़र
यूँँ
तो
कई
इस
उदासी
का
मगर
मेरे
सिवा
कोई
नहीं
यार
सुख
से
अपनी
तो
बनती
नहीं
और
फिर
यहाँ
दुख
ने
भी
मुझको
पराया
कर
दिया
कोई
नहीं
- Shoonya
Download Ghazal Image
जिधर
जाते
हैं
सब
जाना
उधर
अच्छा
नहीं
लगता
मुझे
पामाल
रस्तों
का
सफ़र
अच्छा
नहीं
लगता
Javed Akhtar
Send
Download Image
27 Likes
न
हम-सफ़र
न
किसी
हम-नशीं
से
निकलेगा
हमारे
पाँव
का
काँटा
हमीं
से
निकलेगा
Rahat Indori
Send
Download Image
53 Likes
तुझ
तक
आने
का
सफ़र
इतना
भी
आसाँ
तो
न
था
तूने
फेरी
है
नज़र
हम
सेे
जिस
आसानी
से
Mohit Dixit
Send
Download Image
4 Likes
न
हो
क़मीज़
तो
घुटनों
से
पेट
ढक
लेंगे
ये
लोग
कितने
मुनासिब
हैं
इस
सफ़र
के
लिए
Dushyant Kumar
Send
Download Image
33 Likes
अपनी
मर्ज़ी
से
कहाँ
अपने
सफ़र
के
हम
हैं
रुख़
हवाओं
का
जिधर
का
है
उधर
के
हम
हैं
Nida Fazli
Send
Download Image
55 Likes
सफ़र
हालाँकि
तेरे
साथ
अच्छा
चल
रहा
है
बराबर
से
मगर
एक
और
रास्ता
चल
रहा
है
Shariq Kaifi
Send
Download Image
36 Likes
सफ़र
में
धूप
तो
होगी
जो
चल
सको
तो
चलो
सभी
हैं
भीड़
में
तुम
भी
निकल
सको
तो
चलो
Nida Fazli
Send
Download Image
49 Likes
वो
अजब
शख़्स
था
हर
हाल
में
ख़ुश
रहता
था
उस
ने
ता-उम्र
किया
हँस
के
सफ़र
बारिश
में
Sahiba sheharyaar
Send
Download Image
34 Likes
मेरे
होंठों
के
सब्र
से
पूछो
उसके
हाथों
से
गाल
तक
का
सफ़र
Mehshar Afridi
Send
Download Image
56 Likes
सफ़र
में
आख़िरी
पत्थर
के
बाद
आएगा
मज़ा
तो
यार
दिसंबर
के
बाद
आएगा
Rahat Indori
Send
Download Image
120 Likes
Read More
मैं
सोचता
हूँ
जब
कभी
आओगी
सामने
किस
मुँह
से
कह
सकूँगा
मोहब्बत
नहीं
रही
Shoonya
Send
Download Image
40 Likes
ऐसी
लगती
है
तेरे
चेहरे
की
ये
झूठी
हँसी
काग़ज़ी
हो
फूल
ज्यूँ
बस
घर
सजाने
के
लिए
Shoonya
Send
Download Image
7 Likes
यार
मेरे
न
तुम
इस
क़दर
चुप
रहो
पंछी
मरने
लगे
तुम
अगर
चुप
रहो
बात
करता
था
ग़ुस्से
में
मरने
की
मैं
कहती
थी
वो
मुझे
डाँट
कर
चुप
रहो
दर्द
आवाज़
में
ला
के
क्या
फ़ाइदा
ख़ामुशी
में
दिखाओ
असर
चुप
रहो
फिर
वही
होंगे
झगड़े
पुराने
सभी
फ़ायदा
कुछ
नहीं
लौटकर
चुप
रहो
आएगा
अब
नहीं
वो
पलट
कर
कभी
चीख़ते
क्यूँ
हो
दीवार-ओ-दर
चुप
रहो
Read Full
Shoonya
Download Image
4 Likes
हम
जब
जब
भी
यार
गली
में
आते
हैं
देख
के
सब
पागल
पागल
चिल्लाते
हैं
एक
गुलाब
थमा
कर
मना
लिया
हमको
औरों
को
तो
तोहफ़े
भी
भिजवाते
हैं
उदास
चेहरों
का
दुख
छिपाने
को
हम
हँसी
ख़ुशी
के
फिल्टर
रोज़
लगाते
हैं
Read Full
Shoonya
Download Image
1 Like
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Haalaat Shayari
Khushi Shayari
Sardi Shayari
Hug Shayari
Izhar Shayari