zindagi ka ye ishaara hai mujhe | ज़िंदगी का ये इशारा है मुझे

  - Atul Kumar
ज़िंदगीकायेइशाराहैमुझे
अच्छेलोगोंनेबिगाड़ाहैमुझे
कौनथावोशख़्सजिससेेइश्क़था
उसहसींसेहीख़साराहैमुझे
ख़्वाबदेखाथाइनआँखोंनेकभी
रातनेअबतानामाराहैमुझे
मानअपनाआसमाँछूनेचला
अबतोग़ैरोंकासहाराहैमुझे
आईहैआवाज़किसकी?कानतक
कौनहैजिसनेपुकाराहैमुझे
शख़्सवोपलकोंपेरहताथामेरी
जिसनेनज़रोंसेउताराहैमुझे
  - Atul Kumar
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