कैसेकहूँकितूभीमेरीजानथाकभी
जबतेरीफ़ितरतोंसेमैंअनजानथाकभी
नमआँखलेकेआइनेसेघूरतारहा
इतनावोशख़्समुझसेेपरेशानथाकभी
ऐसेगयाहैमेरीनिगाहोंसेदूरतू
जैसेकिबिनबुलायासामेहमानथाकभी
ख़ुदसेहीजबनहींहैमुलाक़ातअबमेरी
किसकोकहूँकिकितनापरेशानथाकभी
शिकवोंसेहैभरायेमिराताक़चायहाँ
ग़ालिबकाऔरमीरकादीवानथाकभी