uski koi khabar nahin yaaron | उसकी कोई ख़बर नहीं यारों

  - Atul Kumar
उसकीकोईख़बरनहींयारों
फिरभीकोईअसरनहींयारों
फूलखिलतेहोंजिनपेचाहतके
ऐसाकोईशजरनहींयारों
मेरेग़मकोजोपढ़सकेइकबार
ऐसीकोईनज़रनहींयारों
मैंनेगर्दिशमेंआज़मायाथा
कोईभीहमसफ़रनहींयारों
जामछलकायेहाथसेमेरे
औरहमकोख़बरनहींयारों
अबभटकजाताहूँमुहल्लेमें
पहलेसायेनगरनहींयारों
इकदफ़ामेंसमझगयाहूँमैं
इश्क़अबइसक़दरनहींयारों
इसलिएहमसेेसबपरेशाँहैं
हममेंकोईहुनरनहींयारों
हाथचू
मेंगेहमअतुलकिसके
अबकोईमो'तबरनहींयारों
  - Atul Kumar
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