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Arohi Tripathi
munaafiq pyaar men tere pada hai
munaafiq pyaar men tere pada hai | मुनाफ़िक प्यार में तेरे पड़ा है
- Arohi Tripathi
मुनाफ़िक
प्यार
में
तेरे
पड़ा
है
यक़ीनन
एक
दिन
ईमान
लेगी
- Arohi Tripathi
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तुम्हें
ये
किसने
कहा
रब
को
नहीं
मानता
मैं
ये
और
बात
कि
मज़हब
को
नहीं
मानता
मैं
Bhaskar Shukla
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अल्लाह
तेरे
हाथ
है
अब
आबरू-ए-शौक़
दम
घुट
रहा
है
वक़्त
की
रफ़्तार
देख
कर
Bismil Azimabadi
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क़ौम-ओ-मज़हब
क्या
किसी
का
और
क्या
है
रंग-ओ-नस्ल
ऐसी
बातें
छोड़
कर
बस
इल्म-ओ-फ़न
की
बात
हो
Sayan quraishi
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पहले
पहल
तो
लड़
लिए
अल्लाह
से
मगर
अब
पेश
आ
रहे
हैं
बड़ी
आजिज़ी
से
हम
Amaan Pathan
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घर
से
मस्जिद
है
बहुत
दूर
चलो
यूँँ
कर
लें
किसी
रोते
हुए
बच्चे
को
हँसाया
जाए
Nida Fazli
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कितने
हसीं
हो
माशा-अल्लाह
तुम
पे
मोहब्बत
ख़ूब
जचेगी
Zubair Ali Tabish
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इक
दिन
के
लिए
घर
को
परी-ख़ाना
बना
दे
अल्लाह
मुझे
उनका
ग़ुसल-ख़ाना
बना
दे
मोटी
है
बहुत
बीवी
तो
हुश्यार
रहा
कर
वो
मूड
में
आकर
तेरा
सुरमा
ना
बना
दे
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Paplu Lucknawi
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अगर
हुकूमत
तुम्हारी
तस्वीर
छाप
दे
नोट
पर
मेरी
दोस्त
तो
देखना
तुम
कि
लोग
बिल्कुल
फिजूलखर्ची
नहीं
करेंगे
हमारे
चंद
अच्छे
दोस्तों
ने
ये
वा'दा
ख़ुद
से
किया
हुआ
है
कि
शक्ल
अल्लाह
ने
अच्छी
दी
है
सो
बातें
अच्छी
नहीं
करेंगे
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Rehman Faris
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अब
तो
मज़हब
कोई
ऐसा
भी
चलाया
जाए
जिस
में
इंसान
को
इंसान
बनाया
जाए
Gopaldas Neeraj
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मुझ
से
कहा
जिब्रील-ए-जुनूँ
ने
ये
भी
वही-ए-इलाही
है
मज़हब
तो
बस
मज़हब-ए-दिल
है
बाक़ी
सब
गुमराही
है
Majrooh Sultanpuri
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दाग़
दामन
पर
तुम्हारे
जब
लगे
ये
न
तुम
भी
देख
पाए
कब
लगे
ठीक
उसने
तब
निशाना
तय
किया
तीर
सीने
में
तुम्हारे
जब
लगे
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Arohi Tripathi
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साँसें
लेती
हूँ
तो
सीने
में
चुभता
है
तेरे
जाने
पे
अक्सर
ऐसा
होता
है
Arohi Tripathi
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तेरे
रहते
बड़ी
मुसीबत
है
ये
मोहब्बत
कोई
मोहब्बत
है
एक
होना
गुनाह
है
जानी
कह
रही
तो
यही
शरीयत
है
कल
चलेंगे
जहाँ
कहोगी
तुम
आज
बिगड़ी
मिरी
तबीयत
है
जान
समझो
यही
मुनासिब
है
दूर
होने
की
अब
ज़रूरत
है
ख़ून
से
लिख
रही
ग़ज़ल
तुमको
बात
सारी
सनम
हक़ीक़त
है
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Arohi Tripathi
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ज़मीं
में
हम
अभी
तो
सो
रहे
हैं
अभी
हम
एक
हैं
हम
दो
रहे
हैं
सफ़र
से
लौट
कर
हम
आ
गए
हैं
मुनाफ़िक
बैठकर
अब
रो
रहे
हैं
लगा
है
दाग़
ये
कपड़ा
उठा
दो
उसी
ही
दाग़
में
सब
धो
रहे
हैं
सभी
का
हाथ
था
जो
हैं
यहाँ
पर
सफों
में
एक
करके
हो
रहे
हैं
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Arohi Tripathi
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दवाओं
से
नहीं
कुछ
होने
वाला
दु'आओं
से
हमें
हासिल
हुआ
सब
Arohi Tripathi
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