khun ke aañsu mujhe rulaati hai | ख़ूँ के आँसू मुझे रुलाती है

  - Mohd Arham
ख़ूँकेआँसूमुझेरुलातीहै
जबकभीयादतेरीआतीहै
तेरीफ़ुर्क़तमेंहमनेजानाहै
किघड़ीशोरक्यूँमचातीहै
एकबच्चेनेक़ब्रपेलिक्खा
माँयेदुनियाबड़ासतातीहै
रोज़सूरजग़ुरूबहोतेही
जिस्ममेंरूहछटपटातीहै
दिलजोटूटातोफिरसमझआया
काँचकीचीज़टूटजातीहै
जबभीबढ़ताहूँमंज़िलोंकीतरफ़
बद्दुआउसकीमुस्कुरातीहै
शामहोतेहीरोज़तन्हाई
दिलकेकोनेमेंबैठजातीहै
  - Mohd Arham
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy