bahut kuchh yaad rakhta hooñ bahut kuchh bhool jaata hooñ | बहुत कुछ याद रखता हूँ बहुत कुछ भूल जाता हूँ

  - Prashant Arahat
बहुतकुछयादरखताहूँबहुतकुछभूलजाताहूँ
कोईवा'दाअगरकरदूँतोजन्मोंतकनिभाताहूँ
हमारेपासहोतीहोतोतुमकोदेखताहूँबस
तुम्हारेहिज्रमेंअपनीहीग़ज़लेंगुनगुनाताहूँ
मुसव्विरतोनहींलेकिनमैंग़ज़लोंमेंतेरीआँखें
तेराचश्मातेराहँसताहुआचेहराबनाताहूँ
  - Prashant Arahat
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