hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Ankit gupta
are kaison ke aage ro rahe ho
are kaison ke aage ro rahe ho | अरे कैसों के आगे रो रहे हो
- Ankit gupta
अरे
कैसों
के
आगे
रो
रहे
हो
अमाँ
बहरों
के
आगे
रो
रहे
हो
ज़रा
कहने
से
पहले
हाल
जानो
वो
जो
रोतों
के
आगे
रो
रहे
हो
वकालत
सच
की
तुम
तो
कर
रहे
हो
मगर
झूठों
के
आगे
रो
रहे
हो
यही
जीवन
का
अंतिम
सत्य
भी
है
तो
क्यूँ
लाशों
के
आगे
रो
रहे
हो
चले
आए
हो
तो
अर्ज़ी
लगा
लो
मगर
भूखों
के
आगे
रो
रहे
हो
इसे
जब
हाथ
का
ही
मैल
समझा
तो
क्यूँ
पैसों
के
आगे
रो
रहे
हो
- Ankit gupta
Download Ghazal Image
मैं
सच
कहूँगी
मगर
फिर
भी
हार
जाऊँगी
वो
झूट
बोलेगा
और
ला-जवाब
कर
देगा
Parveen Shakir
Send
Download Image
36 Likes
सच
की
डगर
पे
जब
भी
रक्खे
क़दम
किसी
ने
पहले
तो
देखी
ग़ुर्बत
फिर
तख़्त-ओ-ताज
देखा
Amaan Pathan
Send
Download Image
10 Likes
मुझे
चाह
थी
किसी
और
की,
प
मुझे
मिला
कोई
और
है
मेरी
ज़िन्दगी
का
है
और
सच,
मेरे
ख़्वाब
सा
कोई
और
है
तू
क़रीब
था
मेरे
जिस्म
के,
बड़ा
दूर
था
मेरी
रूह
से
तू
मेरे
लिए
मेरे
हमनशीं
कोई
और
था
कोई
और
है
Read Full
Avtar Singh Jasser
Send
Download Image
5 Likes
सच
तो
ये
है
'मजाज़'
की
दुनिया
हुस्न
और
इश्क़
के
सिवा
क्या
है
Asrar Ul Haq Majaz
Send
Download Image
31 Likes
मुझ
को
ख़्वाहिश
है
उसी
शान
की
दिवाली
की
लक्ष्मी
देश
में
उल्फ़त
की
शब-ओ-रोज़
रहे
देश
को
प्यार
से
मेहनत
से
सँवारें
मिल
कर
अहल-ए-भारत
के
दिलों
में
ये
'कँवल'
सोज़
रहे
Read Full
Kanval Dibaivi
Send
Download Image
21 Likes
हमने
जिम्मेदारी
दी
है
देश
चलाने
की
फेल
हुए
तो
उनको
लानत
भी
हम
ही
देंगे
Atul K Rai
Send
Download Image
30 Likes
धोखा
है
इक
फ़रेब
है
मंज़िल
का
हर
ख़याल
सच
पूछिए
तो
सारा
सफ़र
वापसी
का
है
Rajesh Reddy
Send
Download Image
73 Likes
ये
सच
है
नफ़रतों
की
आग
ने
सब
कुछ
जला
डाला
मगर
उम्मीद
की
ठण्डी
हवाएँ
रोज़
आती
हैं
Munawwar Rana
Send
Download Image
23 Likes
है
नाज़
मुझको
अपनी
हिंदी
ज़बाँ
पे
यारो
हिंदी
हैं
हम
वतन
हैं
ये
देश
सब
सेे
आला
Dr Mohsin Khan
Send
Download Image
55 Likes
कुछ
रिश्तों
में
दिल
को
आज़ादी
नइँ
होती
कुछ
कमरों
में
रौशनदान
नहीं
होता
है
Vikram Gaur Vairagi
Send
Download Image
43 Likes
Read More
तुम्हारे
साथ
हर
रस्ता
हसीं
था
तुम्हारे
बाद
केवल
ठोकरें
हैं
Ankit gupta
Send
Download Image
1 Like
तेरे
इस
हुस्न
पे
लानत
बहुत
है
अगर
'आशिक़
तेरा
बहका
नहीं
है
Ankit gupta
Send
Download Image
3 Likes
साल
ये
भी
चला
गया
आख़िर
ये
बता
क्या
नया
हुआ
आख़िर
हमने
तक़दीर
को
ही
समझा
सब
और
सबकुछ
हुआ
बुरा
आख़िर
चार
दिन
में
बिछड़
गए
हम
तुम
जिसका
डर
था
वही
हुआ
आख़िर
वस्ल
की
रात
साथ
में
हमने
हिज्र
का
ज़हर
भी
पिया
आख़िर
पहले
तो
साथ
चलते
थे
दोनों
उसने
रस्ता
बदल
लिया
आख़िर
हमने
हरदम
उसे
मुहब्बत
दी
उसने
फिर
ग़म
दिया
नया
आख़िर
Read Full
Ankit gupta
Download Image
2 Likes
न
तोड़ो
फूल
ये
सूना
लगेगा
गुलिस्ताँ
की
इसी
से
रौनक़ें
हैं
Ankit gupta
Send
Download Image
1 Like
तुम्हें
नफ़रत
हमीं
से
हो
रही
है
हमीं
हैं
चाहने
वाले
तुम्हारे
Ankit gupta
Send
Download Image
3 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Self respect Shayari
Ghamand Shayari
Faith Shayari
Nadii Shayari
Child labour Shayari