hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Anas Khan
baad mushkil ke jaane lage hain
baad mushkil ke jaane lage hain | बाद मुश्किल के जाने लगे हैं
- Anas Khan
बाद
मुश्किल
के
जाने
लगे
हैं
अब
कहीं
ग़म
ठिकाने
लगे
हैं
छोड़
देना
था
इक
पल
का
क़िस्सा
भूलने
में
ज़माने
लगे
हैं
ऐसी
आदत
लगी
है
कि
आँसू
अब
ख़ुशी
में
भी
आने
लगे
हैं
झूठ
उनका
जो
पकड़ा
गया
है
अब
वो
रो
के
दिखाने
लगे
हैं
आप
ही
से
तो
रूठे
थे
हम
क्यूँँ
आप
ही
को
मनाने
लगे
हैं
देख
खु़द
जो
मुनाफ़िक़
हैं
वो
भी
हमको
सजदे
सिखाने
लगे
हैं
- Anas Khan
Download Ghazal Image
लोग
हम
सेे
सीखते
हैं
ग़म
छुपाने
का
हुनर
आओ
तुमको
भी
सिखा
दें
मुस्कुराने
का
हुनर
क्या
ग़ज़ब
है
तजरबे
की
भेंट
तुम
ही
चढ़
गए
तुम
से
ही
सीखा
था
हमने
दिल
दुखाने
का
हुनर
Read Full
Kashif Sayyed
Send
Download Image
59 Likes
ये
आग
वाग
का
दरिया
तो
खेल
था
हम
को
जो
सच
कहें
तो
बड़ा
इम्तिहान
आँसू
हैं
Abhishek shukla
Send
Download Image
22 Likes
मुझ
को
बीमार
करेगी
तिरी
आदत
इक
दिन
और
फिर
तुझ
से
भी
अच्छा
नहीं
हो
पाऊँगा
Rahul Jha
Send
Download Image
25 Likes
मैं
तो
मुद्दत
से
ग़ैर-हाज़िर
हूँ
बस
मेरा
नाम
है
रजिस्टर
में
याद
करती
हैं
तुझको
दीवारें
शक्ल
उभर
आई
है
पलस्तर
में
Read Full
Azhar Nawaz
Send
Download Image
44 Likes
मैं
पा
सका
न
कभी
इस
ख़लिश
से
छुटकारा
वो
मुझ
से
जीत
भी
सकता
था
जाने
क्यूँँ
हारा
Javed Akhtar
Send
Download Image
40 Likes
आख़िर
में
यूँँ
हुआ
कि
मिरी
मात
हो
गई
मैं
उसके
साथ
थी
जो
ज़माने
के
साथ
था
Parul Singh "Noor"
Send
Download Image
28 Likes
इक
रोज़
इक
नदी
के
किनारे
मिलेंगे
हम
इक
दूसरे
से
अपना
पता
पूछते
हुए
Shahbaz Rizvi
Send
Download Image
38 Likes
मैं
उसे
वो
मुझको
समझाता
रहा
पर
त'अल्लुक़
फिर
भी
मुरझाता
रहा
Madan Mohan Danish
Send
Download Image
34 Likes
शिकारी
से
बचने
में
कैसा
कमाल
निशाने
पे
रहना
बड़ी
बात
है
Shariq Kaifi
Send
Download Image
49 Likes
शब
भर
इक
आवाज़
बनाई
सुब्ह
हुई
तो
चीख़
पड़े
रोज़
का
इक
मामूल
है
अब
तो
ख़्वाब-ज़दा
हम
लोगों
का
Abhishek shukla
Send
Download Image
22 Likes
Read More
दिल
के
सभी
ग़मों
का
ये
वाहिद
इलाज
है
लोगों
ने
दे
दिया
है
जिसे
नाम
मय
कशी
Anas Khan
Send
Download Image
1 Like
जाना
ही
था
जो
आपको
जाते
एज़ाज़
से
ये
क्या
किया
कि
ख़ुद
को
गिरा
कर
चले
गए
Anas Khan
Send
Download Image
1 Like
तुझको
सज़ा
न
दी
जो
मेरे
दिल
के
क़त्ल
की
तो
मैं
कहूँगा
वाक़ई
पत्थर
का
है
ख़ुदा
Anas Khan
Send
Download Image
1 Like
है
ज़रूरी
शायरों
की
आँख
में
आँसू
रहे
खिलखिलाने
से
हमारे
दिन
नहीं
बनते
मियाँ
Anas Khan
Send
Download Image
2 Likes
ये
न
सोचो
रफ़ाक़त
नहीं
है
बस
ग़रीबों
की
इज़्ज़त
नहीं
है
मालदारों
से
कह
कर
बताओ
हमको
तुम
सेे
मुहब्बत
नहीं
है
जाने
वाले
मुझे
साथ
ले
जा
मुझको
मेरी
ज़रूरत
नहीं
है
उसने
लौटा
दिया
दिल
ये
कह
कर
तेरा
दिल
कोई
दौलत
नहीं
है
बद-दुआ
भी
नहीं
दूँ
मैं
उसको
मुझ
में
इतनी
शराफ़त
नहीं
है
दिल
का
झुकना
ज़रूरी
है
बंदे
सर
झुकाना
इबादत
नहीं
है
साथ
दुनिया
भी
हो
तब
भी
क्या
है
गरचे
तुझ
सेे
ही
क़ुर्बत
नहीं
है
सच
बताऊँ
तो
होंठों
में
तेरे
अब
वो
पहले
सी
लज़्ज़त
नहीं
है
मर्द
होना
भी
कितना
बुरा
है
रोने
की
भी
सहूलत
नहीं
है
मौत
ही
अब
निकालेगी
ग़म
से
ज़िंदगी
में
ये
क़ुव्वत
नहीं
है
Read Full
Anas Khan
Download Image
1 Like
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Angdaai Shayari
Mood off Shayari
Bekhayali Shayari
Revenge Shayari
Bebas Shayari