jis jahaan men nafraton ki hastiyaan rah jaaengin | जिस जहाँ में नफ़रतों की हस्तियाँ रह जाएँगीं

  - Amit Tyagi
जिसजहाँमेंनफ़रतोंकीहस्तियाँरहजाएँगीं
कैसेउसउजड़ेचमनमेंतितलियाँरहजाएँगीं
बेचकररातें,ख़रीदेख़्वाबजिनकेवास्ते
नींदआनेदेज़राबससिसकियाँरहजाएँगीं
सरहदेंबे-ख़ौफ़हैंजबतकखड़ेहैंहमवहाँ
हमगएतोटूटनेकोचूड़ियाँरहजाएँगीं
हरकिसीसेप्यारकरनायादरखनायेमगर
रुख़्सतीकेवक़्तफैलीमुठ्ठियाँरहजाएँगीं
आजफिरयेशोरसन्नाटोंमेंगुमहोजाएगा
औरसड़कोंपरचमकतीबत्तियाँरहजाएँगीं
जिसतरहसेबटरहेहैंलोगमजहबमें'अमित'
देखलेनाबसयेसूनीबस्तियाँरहजाएँगीं
  - Amit Tyagi
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