qaid se baahar main aanaa chahta hooñ | क़ैद से बाहर मैं आना चाहता हूँ

  - Amaan Pathan
क़ैदसेबाहरमैंआनाचाहताहूँ
आजफिरसेमुस्कुरानाचाहताहूँ
हारनेकीहरवजहहैसामनेपर
जीतनेकाइकबहानाचाहताहूँ
रातहोकितनीहीकालीख़त्महोगी
इसग़ज़लमेंयेबतानाचाहताहूँ
मैंख़ुदाबेबसहूँलेकिनतूनहींहै
फिरतेरीचौखटपेआनाचाहताहूँ
सबकेचेहरोंपरयहाँसौसौमुखौटे
मैंअबइनसेदूरजानाचाहताहूँ
मैंनेअपनीजानकीबाज़ीलगादी
हारकरतुझकोहरानाचाहताहूँ
काशमिलजाएँपुरानेयारफिरसे
फिरपुरानेगीतगानाचाहताहूँ
अबघरटूटेकिसी'आशिक़कामौला
मैंबसअपनाघरबसानाचाहताहूँ
जानिकलजाइश्क़अबतूदिलसेमेरे
तुझसेमैंपीछाछुड़ानाचाहताहूँ
  - Amaan Pathan
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