लड़कपनकीसभीयादोंकोअपनेसाथलायाहूँ
मैंहरइकख़्वाबकीता'बीरलेनेआजआयाहूँ
कभीतोइम्तिहान-ए-इश्क़सेराहतमिलेजानम
लिखीशबभरग़ज़लतुझपरतिरेहीगीतलायाहूँ
किसीइकशख़्सकीबातेंमुझेसोनेनहींदेतीं
बरसबीतेमुझेमुँहधोएमैंकलहीनहाएाहूँ
इजाज़तहीनहींदीदारकीमुझकोतिरेतोअब
कोईहस्तीकहाँमेरीकिअबमैंख़ुदहीज़ाया'हूँ
जिसेबसदेखनेकीआसमेंजीताथाकलतकमैं
दियापैग़ामकलउसनेकिमैंतोअबपरायाहूँ
मिरीजोशख़्सियतहैउसकोमाँनेहीतराशाहै
मिराबचपनजहाँबीताथाउसघरकाकिरायाहूँ