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Alankrat Srivastava
main sacchi kahooñ to meraa dil nahin hai
main sacchi kahooñ to meraa dil nahin hai | मैं सच्ची कहूँ तो मेरा दिल नहीं है
- Alankrat Srivastava
मैं
सच्ची
कहूँ
तो
मेरा
दिल
नहीं
है
वगरना
निभाने
में
मुश्किल
नहीं
है
कई
शे'र
पढ़
कर
है
ये
बात
जानी
कोई
शे'र
उसके
मुक़ाबिल
नहीं
है
- Alankrat Srivastava
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होंटों
पर
इक
बार
सजा
कर
अपने
होंट
उस
के
बाद
न
बातें
करना
सो
जाना
Ateeq Allahabadi
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मुझे
इक
बात
कहनी
थी
अगर
मुझ
को
इज़ाज़त
हो
तुम्हीं
मेरी
मुहब्बत
हो
मुहब्बत
हो
मुहब्बत
हो
Shadab Asghar
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ज़ख़्म
उनके
लिए
मेहमान
हुआ
करते
हैं
मुफ़लिसी
जो
तेरे
दरबान
हुआ
करते
हैं
वो
अमीरों
के
लिए
आम
सी
बातें
होंगी
हम
ग़रीबों
के
जो
अरमान
हुआ
करते
हैं
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Mujtaba Shahroz
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हर
किसी
से
ही
मुहब्बत
माँगता
है
दिल
तो
अब
सब
सेे
अक़ीदत
माँगता
है
सीख
आया
है
सलीक़ा
ग़ुफ़्तगू
का
मुझ
सेे
मेरा
दोस्त
इज़्ज़त
माँगता
है
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हम
हार
गए
तुम
जीत
गए
हम
ने
खोया
तुम
ने
पाया
इन
छोटी
छोटी
बातों
का
हम
कोई
ख़याल
नहीं
करते
Wali Aasi
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ये
अलग
बात
कि
ख़ामोश
खड़े
रहते
हैं
फिर
भी
जो
लोग
बड़े
हैं,
वो
बड़े
रहते
हैं
Rahat Indori
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वक़्त,
वफ़ा,
हक़,
आँसू,
शिकवे
जाने
क्या
क्या
माँग
रहे
थे
एक
सहूलत
के
रिश्ते
से
हम
ही
ज़्यादा
माँग
रहे
थे
उसकी
आँखें
उसकी
बातें
उसके
लब
वो
चेहरा
उसका
हम
उसकी
हर
एक
अदास
अपना
हिस्सा
माँग
रहे
थे
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Shikha Pachouly
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ये
है
पहली
बात
तुझ
सेे
इश्क़
है
दूसरी
ये
बात,
पहली
बात
सुन
Siddharth Saaz
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जो
चुप-चाप
रहती
थी
दीवार
पर
वो
तस्वीर
बातें
बनाने
लगी
Adil Mansuri
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जब
मसअले
न
हल
हो
सकें
बात-चीत
से
फिर
जंग
ही
लड़ो
कि
ज़माना
ख़राब
है
shaan manral
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है
ग़ज़ल
मेरी
पर
है
तेरे
नाम
पर
ला
के
छोड़ा
मुझे
कैसे
अंजाम
पर
सर
झुकाया
न
था
जो
किसी
के
लिए
तेरे
ख़ातिर
झुके
अब
सभी
धाम
पर
लिख
रहा
था
ग़ज़ल
जो
तुम्हारे
लिए
कर
रही
थी
असर
सारी
आवाम
पर
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Alankrat Srivastava
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देहाती
नहीं
वो
हैं
खेतों
के
मालिक
न
भूलो
के
उनके
सहारे
हो
तुम
सब
Alankrat Srivastava
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चार
मिसरे
जो
उस्ताद
ने
थे
दिए
पढ़
के
उस्ताद
ख़ुद
को
बताने
लगे
Alankrat Srivastava
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हर
पल
ना
यूँँ
तुम
गिला
करो
हम
सेे
तुम
खिल
के
मिला
करो
Alankrat Srivastava
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लिख
रहा
हूँ
मैं
ऐसी
ग़ज़ल
दोस्तों
सुन
जिसे
जाए
वो
भी
पिघल
दोस्तों
ज़िंदगी
जिस
सहारे
मैं
जीता
गया
याद
उसको
भी
हैं
क्या
वो
पल
दोस्तों
कर
तो
लेता
मुहब्बत
दुबारा
मगर
है
नहीं
कोई
उसका
बदल
दोस्तों
एक
दूजे
में
उलझे
हुए
हम
ही
हैं
एक
दूजे
की
उलझन
का
हल
दोस्तों
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Alankrat Srivastava
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