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Aqib khan
muhabbat ki himayat karne waalon
muhabbat ki himayat karne waalon | मुहब्बत की हिमायत करने वालों
- Aqib khan
मुहब्बत
की
हिमायत
करने
वालों
बचा
लो
मिल
के
इसको
नफ़रतों
से
- Aqib khan
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मुहब्बत
रास
आ
जाए
हमें
ये
सोचकर
हम
ने
जिसे
भी
चाहा
है
पहली
मुहब्बत
की
तरह
चाहा
Prashant Rao chourase
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वो
लोग
हम
ही
थे
मुहब्बत
में
जो
फिर
आगे
हुए
वो
लोग
हम
ही
थे
मियाँ
जो
दूर
भागे
जिस्म
से
Kartik tripathi
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दिल
जिसका
मोहब्बत
में
गिरफ़्तार
रहा
है
वो
मेरी
मदद
के
लिए
तैयार
रहा
है
आग़ाज़-ए-मोहब्बत
का
फ़साना
भी
था
दिलचस्प
बर्बादी
का
क़िस्सा
भी
मज़ेदार
रहा
है
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Obaid Azam Azmi
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तुम्हारा
नाम
लिया
था
कभी
मोहब्बत
से
मिठास
उस
की
अभी
तक
मेरी
ज़बान
में
है
Abbas Dana
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दिल
में
न
हो
जुरअत
तो
मोहब्बत
नहीं
मिलती
ख़ैरात
में
इतनी
बड़ी
दौलत
नहीं
मिलती
Nida Fazli
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इक
बार
अपनी
माँ
को
मोहब्बत
से
देख
ले
जिसको
भी
हुस्न-ए-ताम
का
मतलब
नहीं
पता
Rohit tewatia 'Ishq'
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भाई
बहनों
की
मोहब्बत
का
नशा
मत
पूछिए
बे-तकल्लुफ़
हो
गए
तो
गुदगुदी
तक
आ
गए
Iftikhar Falak Kazmi
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ऐ
मौज-ए-हवादिस
तुझे
मालूम
नहीं
क्या
हम
अहल-ए-मोहब्बत
हैं
फ़ना
हो
नहीं
सकते
Asad Bhopali
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मुहब्बत
उठ
गई
दोनों
घरों
से
सुना
है
एक
ख़त
पकड़ा
गया
है
Anjum Ludhianvi
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अब
मैं
क्या
अपनी
मोहब्बत
का
भरम
भी
न
रखूँ
मान
लेता
हूँ
कि
उस
शख़्स
में
था
कुछ
भी
नहीं
Jawwad Sheikh
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फिर
न
जाना
हो
तो
आ
सकते
हो
सच
में
आना
हो
तो
आ
सकते
हो
तुम
मिरा
ग़म
तो
बाँटने
से
रहे
दिल
दुखाना
हो
तो
आ
सकते
हो
मेरा
मुझ
में
रहा
नहीं
कुछ
भी
कुछ
न
पाना
हो
तो
आ
सकते
हो
मैं
कोई
राज़
खोलता
ही
नहीं
कुछ
बताना
हो
तो
आ
सकते
हो
ऐसे
कैसे
तुम्हें
मैं
आने
दूँ?
कुछ
बहाना
हो
तो
आ
सकते
हो
इक
निशाँ
आपका
बचा
हुआ
है
वो
मिटाना
हो
तो
आ
सकते
हो
क्यूँ
दलीलें
रईसज़ादा
सुने
गिड़गिड़ाना
हो
तो
आ
सकते
हो
मैं
भी
अब
हो
गया
तुम्हारी
तरह
आज़माना
हो
तो
आ
सकते
हो
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Aqib khan
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सुख़न
की
दुनिया
में
आक़िब
नए
नहीं
हो
तुम
तुम्हारे
जैसे
यहाँ
कितने
ख़ाक
छानते
हैं
Aqib khan
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कसकर
गले
लगाना
उसे
चाहता
था
मैं
बस
चाहने
से
मेरे
ही
क्या
ख़ाक
होता
है
Aqib khan
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ये
मिरी
सादा-दिली
के
हैं
नताएज
जो
भी
आया
खेलकर
चलता
बना
वो
Aqib khan
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वो
तो
निगाहों
ने
मार
डाला
वगरना
हम
पे
चली
है
किसकी
Aqib khan
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