जितनेगूँगेहैंवोबहरोंकोसुनाईदेंगे
दिनढलेगातोकईचाँददिखाईदेंगे
गर्मियोंकेहमेंएहसानचुकानेहोंगे
अबकेसर्दीमेंदरख़्तोंकोरजाईदेंगे
जिसनेपालाहैहमेंख़ूनपसीनादेकर
उसकेहाथोंमेंहीहमपहलीकमाईदेंगे
मेरीग़ज़लोंमेंतेराज़िक्रहमेशाहोगा
तेरीमहफ़िलमेंमेरेगीतसुनाईदेंगे
तेरीडोलीभीउठाएँगेइन्हींहाथोंसे
तेरीराखीकोभीहमअपनीकलाईदेंगे
मेरीमेहनतकायहाँजोभीउड़ातेहैंमज़ाक़
कलतरक़्क़ीपेयहीलोगबधाईदेंगे