in aankhoñ ke dar pe koi parda latka lagta hai | इन आँखों के दर पे कोई पर्दा लटका लगता है

  - Aasim
इनआँखोंकेदरपेकोईपर्दालटकालगताहै
हरचेहरातेरेचेहरेकाधुँधलानक़्शालगताहै
एहसासोंकेख़ालीपनसेआँखेंअंधीहोतीहैं
दिलहोताहैतोरंगोंकाहोनाहोनालगताहै
पहलेपहलेजन्नततककेवादेबांधेजातेहैं
औरफिरछोड़दियाजाताहैफिरजोसदमालगताहै
वोलड़कादिनभरबालिग़होनेकानाटककरताहै
रातमेंगहरीनींदमेंहोताहैतोबच्चालगताहै
मैंनेदिल्लीगेटकाहलवामजबूरीमेंछोड़दिया
अस्लमेंतेरीयादआतीहैज़ोरसेफंदालगताहै
तुमनेग़ौरकियाहोगामैंदेरसेचुपकरवाताहूँ
तुमजबमेरीख़ातिररोतीहोतोअच्छालगताहै
  - Aasim
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