ghataaein ghir ke aayen to tumhaari yaad aati hai | घटाएँ घिर के आएँ तो तुम्हारी याद आती है

  - Aditya
घटाएँघिरकेआएँतोतुम्हारीयादआतीहै
कभीमीराकोगाएँतोतुम्हारीयादआतीहै
तुम्हारीयादनेशायदहमाराहाथथामाहै
नगरसेदूरजाएँतोतुम्हारीयादआतीहै
कभीपेड़ोकीछायामेंकभीघरकीअटारीपर
छुएंहमकोहवाएँतोतुम्हारीयादआतीहै
बहुतमनहरसीहो‘विश्वास’केतुमगीतजैसीहो
जिसेवोगुनगुनाएँतोतुम्हारीयादआतीहै
तुम्हारेछूनेभरसेहीमहकउठ्ठींकिताबेंभी
जोपढ़नेकोउठाएँतोतुम्हारीयादआतीहै
सियाहीरातसेभीपूछलेनाहालतुममेरा
जोतारेटिमटिमाएँतोतुम्हारीयादआतीहै
किसीकेपैरछूनेपरकिसीकासाथदेनेपर
जोमिलतीहैंदुआएँतोतुम्हारीयादआतीहै
सवेरेशामपूजाअर्चनाकेबादमंदिरमें
जोमांमिश्रीचढ़ाएँतोतुम्हारीयादआतीहै
तुम्हारीयादआतीहैकभी,तुमक्यूँँंनहींआतीं
तुम्हेंजबभीबुलाएँतोतुम्हारीयादआतीहै
  - Aditya
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