hamaare hon kisi ke hon ya phir hon aap ke motinahin nikle hain aankhoñ se kabhi bhi naap ke moti | हमारे हों किसी के हों या फिर हों आप के मोती

  - MUSICOHLIC
हमारेहोंकिसीकेहोंयाफिरहोंआपकेमोती
नहींनिकलेहैंआँखोंसेकभीभीनापकेमोती
तूरोसकताहैखुलकरमैंतोअपनेमनमेंरोताहूँ
तेरेहैंआबकेमोतीमेरेहैंभापकेमोती
कियाअपराधधोबीनेसज़ासीतानेपाईहै
किसीकीआँखसेनिकलेकिसीकेपापकेमोती
वोमुझकोछोड़करख़ुशहैतोजानेदोजानेदो
येवा'दाहैबहाएगावोपश्चातापकेमोती
मैंरोताहूँ
गरतोटोकनामुझकोकोईभी
येमेरेहैंनहींहैयेकिसीकेबापकेमोती
  - MUSICOHLIC
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