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100rav
aaj bhi vo yaad karti hai mujhe kuchh kaam aate
aaj bhi vo yaad karti hai mujhe kuchh kaam aate | आज भी वो याद करती है मुझे कुछ काम आते
- 100rav
आज
भी
वो
याद
करती
है
मुझे
कुछ
काम
आते
आग
जंगल
में
लगे
तो
पेड़
जलता
है
पुराना
- 100rav
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वो
आँखें
आपके
ग़म
में
नहीं
हुई
हैं
नम
दिया
जलाते
हुए
हाथ
जल
गया
होगा
Shadab Javed
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क्या
बोला
मुझे
ख़ुद
को
तुम्हारा
नहीं
कहना
ये
बात
कभी
मुझ
सेे
दुबारा
नहीं
कहना
ये
हुक़्म
भी
उस
जान
से
प्यारे
ने
दिया
है
कुछ
भी
हो
मुझे
जान
से
प्यारा
नहीं
कहना
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Ali Zaryoun
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ये
इश्क़
आग
है
और
वो
बदन
शरारा
है
ये
सर्द
बर्फ़
सा
लड़का
पिघलने
वाला
है
Shadab Asghar
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चाँद
चेहरा
ज़ुल्फ़
दरिया
बात
ख़ुशबू
दिल
चमन
इक
तुम्हें
दे
कर
ख़ुदा
ने
दे
दिया
क्या
क्या
मुझे
Bashir Badr
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जब
से
वो
समुंदर
पार
गया
गोरी
ने
सँवरना
छोड़
दिया
Bekal Utsahi
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न
रूई
हो
तो
अपने
अश्कों
से
बाती
बनाएँगे
बुझा
दीया
हमारा
तो
हवा
से
लड़
भी
जाएँगे
बनाई
रोज़
चौदह
साल
रंगोली
बस
इस
ख़ातिर
न
जाने
रामजी
वनवास
से
कब
लौट
आएंँगे
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Krishnakant Kabk
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जबसे
आप
गए
हो
मेरे
जीवन
से
गाने
सुनता
हूँ,
पर
गाना
छोड़
दिया
Tanoj Dadhich
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हमने
तुझ
पे
छोड़
दिया
है
कश्ती,
दरिया,
भँवर,
किनारा
Siddharth Saaz
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गुदाज़-ए-इश्क़
नहीं
कम
जो
मैं
जवाँ
न
रहा
वही
है
आग
मगर
आग
में
धुआँ
न
रहा
Jigar Moradabadi
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ये
सच
है
नफ़रतों
की
आग
ने
सब
कुछ
जला
डाला
मगर
उम्मीद
की
ठण्डी
हवाएँ
रोज़
आती
हैं
Munawwar Rana
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सभी
कहते
हैं
दुनिया
गोल
है
तो
तू
फिर
से
क्यूँ
नहीं
टकराता
मुझ
सेे
100rav
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तू
अब
चाहती
है
भला
क्यूँ
हैं
जब
चाहने
वाले
काफ़ी
100rav
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वक़्त
पर
रिप्लाई
तू
देती
नहीं
है
मैं
भी
बस
ख़ुद
को
गिराऊँगा
नहीं
अब
100rav
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नहीं
मिलती
सज़ा
भी
बे-वफ़ाई
की
हाँ
जब
तक
तुम
वफ़ादारी
नहीं
करते
100rav
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मुहब्बत
मुझ
सेे
और
चिट्ठी
किसी
और
से
तुझे
आती
है
अब
हिचकी
किसी
और
से
मेरे
हिस्से
में
दिन
और
रात
उसके
साथ
ली
सब्ज़ी
मुझ
सेे
और
रोटी
किसी
और
से
किसी
और
से
मुहब्बत
करते
हैं
जब
लोग
तो
क्यूँ
कर
लेते
हैं
शादी
किसी
और
से
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100rav
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