hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
जय प्रकाश
vriksh tumhaari harit si chaaya
vriksh tumhaari harit si chaaya | वृक्ष तुम्हारी हरित सी छाया
- जय प्रकाश
वृक्ष
तुम्हारी
हरित
सी
छाया
प्रकृति
की
निर्मल
सम
काया
भँवरें,
तितली,
बारिश
आई
झूमते
फिर
बसंत
भी
आया
चहकते
फूलों
ने
राग
अलापा
कान्ति
रूप
कंचन
सा
जागा
देवताओं
की
मुस्कान
सजी
है
लताएं
वृक्षों
के
अंग
लगी
है
फूटे
अंकुर
और
फल
लागे
हैं
मनमोहक
दृश्य
फिर
साजे
है
वृक्ष
तुम्हारी
हरित
सी
छाया
- जय प्रकाश
दिल-ए-सोज़ाँ
को
भी
महका
रहे
हैं
हमें
जो
ख़्वाब
तेरे
आ
रहे
हैं
तेरे
शैदाई
पागल
हो
चुके
हैं
तिरी
तस्वीर
चू
में
जा
रहे
हैं
Read Full
Siddharth Saaz
Send
Download Image
8 Likes
घर
भरा
होता
है
पर
एक
कमी
होती
है
एक
तस्वीर
बहुत
हँसती
हुई
होती
है
जिनको
चारागरों
की
सूईयाँ
नहीं
चुभती
हैं
ऐसे
बच्चों
को
कोई
बात
चुभी
होती
है
Read Full
Rishabh Sharma
Send
Download Image
54 Likes
मैं
ने
तो
यूँँही
राख
में
फेरी
थीं
उँगलियाँ
देखा
जो
ग़ौर
से
तिरी
तस्वीर
बन
गई
Saleem Betab
Send
Download Image
36 Likes
चाँद
भी
हैरान
दरिया
भी
परेशानी
में
है
अक्स
किस
का
है
कि
इतनी
रौशनी
पानी
में
है
Farhat Ehsaas
Send
Download Image
40 Likes
बहुत
से
लोग
हैं
तस्वीर
में
अच्छे
बहुत
अच्छे
तेरे
चेहरे
पे
ही
मेरी
नज़र
हरदम
ठहरती
है
Umesh Maurya
Send
Download Image
1 Like
पहले
दिल
से
नक़्श
मिटाये
जाते
हैं
मेज़
से
फिर
तस्वीर
हटा
दी
जाती
है
Rao Nasir
Send
Download Image
29 Likes
मिरा
ही
अक्स
मुझ
पर
हँस
रहा
है
मुझे
इस
आइने
को
तोड़ना
है
Avinash Chaudhary
Send
Download Image
2 Likes
अक्स-दर-अक्स
बिखरना
है
मुझे
जाने
क्या
टूट
गया
है
मुझ
में
Khalid Moin
Send
Download Image
22 Likes
मैंने
तस्वीर
फेंक
दी
है
मगर
कील
दीवार
में
गड़ी
हुई
है
Ammar Iqbal
Send
Download Image
34 Likes
इस
तरह
करता
है
हर
शख़्स
सफ़र
अपना
ख़त्म
ख़ुद
को
तस्वीर
में
रखता
है
चला
जाता
है
Sandeep kumar
Send
Download Image
51 Likes
Read More
Subhan Asad
Anjum Saleemi
Siraj Faisal Khan
Zubair Ali Tabish
Swapnil Tiwari
Firaq Gorakhpuri
Aziz Nabeel
Jaan Nisar Akhtar
Ameer Minai
Zafar Gorakhpuri
Get Shayari on your Whatsapp
Valentine Shayari
haseen Shayari
Wada Shayari
Mehfil Shayari
Qaid Shayari