ham tere shahar se jaate hue ro dete hain | हम तेरे शहरस जाते हुए रो देते हैं

  - Zubair Alam
हमतेरेशहरसजातेहुएरोदेतेहैं
गुलसेतितलीकोउड़ातेहुएरोदेतेहैं
उसनेहँसतेहुएतोड़ाथाहमारारिश्ता
हमसभीकोयेबतातेहुएरोदेतेहैं
मैंहूँवीरानजज़ीराजहाँअहल-ए-कश्ती
अपनीरातोंकोबितातेहुएरोदेतेहैं
रातभरजलनेकेभीबा'दहमअफ़्सुर्दा-मिज़ाज
सुब्ह-दमशम्अ'बुझातेहुएरोदेतेहैं
कौनकरताहैकभीनक़्ल-ए-मकानीहँसकर
लोगदुनियामेंभीआतेहुएरोदेतेहै
  - Zubair Alam
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