kis tarah eimaan laaun khwaab ki taabeer par | किस तरह ईमान लाऊँ ख़्वाब की ता'बीर पर

  - Zia Mazkoor
किसतरहईमानलाऊँख़्वाबकीता'बीरपर
छिपकलीचढ़तेहुएदेखीहैउसतस्वीरपर
उसनेऐसीकोठरीमेंक़ैदरक्खाथाहमें
रौशनीआँखोंपेपड़तीथीयाफिरज़ंजीरपर
माएँबेटोंसेख़फ़ाहैंऔरबेटेमाओंसे
इश्क़ग़ालिबगयाहैदूधकीतासीरपर
मैंउन्हींआबादियोंमेंजीरहाहोताकहीं
तुमअगरहँसतेनहींउसदिनमेरीतक़दीरपर
  - Zia Mazkoor
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