mohabbat ke safar men koii bhi rastaa nahin deta | मोहब्बत के सफ़र में कोई भी रस्ता नहीं देता

  - Zahid Fakhri
मोहब्बतकेसफ़रमेंकोईभीरस्तानहींदेता
ज़मींवाक़िफ़नहींबनतीफ़लकसायानहींदेता
ख़ुशीऔरदुखकेमौसमसबकेअपनेअपनेहोतेहैं
किसीकोअपनेहिस्सेकाकोईलम्हानहींदेता
जानेकौनहोतेहैंजोबाज़ूथामलेतेहैं
मुसीबतमेंसहाराकोईभीअपनानहींदेता
उदासीजिसकेदिलमेंहोउसीकीनींदउड़तीहै
किसीकोअपनीआँखोंसेकोईसपनानहींदेता
उठानाख़ुदहीपड़ताहैथकाटूटाबदन'फ़ख़री'
किजबतकसाँसचलतीहैकोईकंधानहींदेता
  - Zahid Fakhri
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