KHoob-soorat hai zameen | ख़ूब-सूरत है ज़मीं

  - Zahid Dar
ख़ूब-सूरतहैज़मीं
धूपमेंचमकेहुएइसशहरमें
ज़िंदगीदिलचस्पहै
अक़्लकीबातेंजहन्नमकीधदकतीआगहैं
उनसेहमवाक़िफ़नहीं
अम्नहैऔरनींदहैऔरख़्वाबहैं
अपनीहीलज़्ज़तमेंगुम
जिस्महैं
दोस्तोंसेदूरहंगामोंमेंमैंखोयाहुआ
पुर-सुकून
आहकितनीख़ूब-सूरतहैज़मीन
धूपमेंचमकेहुएइसशहरमें
ज़िंदगीदिलचस्पहै
  - Zahid Dar
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