aise lagta hai ki sehra hai koi | ऐसे लगता है कि सहरा है कोई

  - Zahid Dar
ऐसेलगताहैकिसहराहैकोई
दूरतकफैलीहुईरेतकोजबदेखताहूँ
मेरीआँखोंमेंवहीप्यासछलकआतीहै
रूहकीप्यासछलकआतीहै
फिरहवावक़्तकेहाथोंमेंहैतलवारकीमानिंदरवाँ
फिरसुलगताहूँफ़क़तमौतमुझेभातीहै
दिलमिराआजभीअफ़्सुर्दाउदास
दिलबदलताहीनहीं
रास्तेरोज़बदललेतेहैंरूप
रास्तेफ़ैज़कीशाहराहकीतरहचूरनिढाल
औरपतझड़मेंबिखरतेहुएपत्तोंकीतरह
लोगहीलोगहैंजिसओरनज़रजातीहै
रोगहीरोगहैंजिसओरनज़रजातीहै
फिरभटकताहूँफ़क़तमौतमुझेभातीहै
गरचेयेख़ौफ़किदीवानाकहेगीदुनिया
गरचेयेडरकिमैंसच-मुचहीपागलहोजाऊँ
फिरभीग़मखानेकीफ़ुर्सततोनिकलआतीहै
अपनेगुनगानेकीआदतहीनहींजातीहै
दूरजातेहुएलम्होंकीसदा
गालियाँमुझकोदिएजातीहै
इससेपहलेभीजुनूँथालेकिन
अबकेइसतौरसेबिखरेहैंहवासे
कोईतरतीबनहीं
ऐसेलगताहैकिसहराहैकोई
दूरतकफैलीहुईरेतकोजबदेखताहूँ
मेरीआँखोंमेंवहीप्यासछलकआतीहै
रूहकीप्यासछलकआतीहै
ज़िंदगीमेरीधुएँकीसूरत
फैलतीऔरबिखरजातीहै
फिरहवावक़्तकेहाथोंमेंहैतलवारकीमानिंदरवाँ
फिरमैंमरताहूँफ़क़तमौतमुझेभातीहै
  - Zahid Dar
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