kuchh pata hi nahin chal raha zindagi kis taraf ja rahi hai | कुछ पता ही नहीं चल रहा ज़िन्दगी किस तरफ़ जा रही है

  - Zahid Bashir
कुछपताहीनहींचलरहाज़िन्दगीकिसतरफ़जारहीहै
तेराघरकिसतरफ़हैमगरयेगलीकिसतरफ़जारहीहै
एकचेहराअचानकचमकनेलगाहैमजाफ़ातमें
चाँदकोभीपताहैमेरीरौशनीकिसतरफ़जारहीहै
बाग़सेकुछतअल्लुक़हमाराभीथाअबनहींहैतोक्या
जानतेहैयेफूलोंभरीटोकरीकिसतरफ़जारहीहै
  - Zahid Bashir
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy