Chaand koi afsaana nahin | "चाँद कोई अफ़्साना नहीं"

  - Zafar Gorakhpuri
"चाँदकोईअफ़्सानानहीं"
अबतोइल्मकीपरवाज़ें
औरहीक़िस्सेकहतीहैं
बाजीअबतोमतबोलो
चाँदमेंपरियाँरहतीहैं
चाँदअपनामामूँहै
औरदेसवोपरियोंका
चाँदमेंकोईबुढ़ियाहै
औरबुढ़ियाकाचरख़ा
सदियोंसदियोंखोजकेबा'द
अबहमनेयेजानाहै
चाँदकोईअफ़्सानानहीं
एकहक़ीक़ीदुनियाहै
सर्दीगर्मीदोनोंतेज़
ऑक्सीजनकानामनहीं
चट्टानेंहैंखाइयाँहैं
धरतीसाआरामनहीं
होजाएगापरइकरोज़
जीलेनाआसानवहाँ
अपनेजीनेकासामाँ
करलेगाइंसानवहाँ
इल्म-ओ-हुनरकीधाराएँ
पीछेकोकबबहतीहैं
बाजीअबतोमतबोलो
चाँदमेंपरियाँरहतीहैं
  - Zafar Gorakhpuri
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