aao door chalen | आओ दूर चलें

  - Yusuf Kamran
आओदूरचलें
पीपलकीहरीहरीछाँवमें
बैठकेदिलबहलाएँ
शहरकीइसगहमा-गहमीमेंअबतोजीघबराताहै
रानीदेखोइसनगरीमेंकोईकृष्नराधाहै
येतोशहरहैप्यारी
कारोबारीदुनियाहै
मनसेख़ालीतनवालेहैं
धनहीउनकागहनाहै
झूटीरस्मेंझूटेबंधनझूटाउनकाप्यार
कारोबारीज़ेहनोंवालेहोतेहैंखूँ-ख़्वार
धनदौलतमेंतोलकेदेखें
हरनिर्धनकाप्यार
शहरमेंक्यारक्खाहै
आओदूरचलें
हरेभरेखेतोंमेंचलकेअपनेज़ख़्मसिएँ
दूरकहींमंदिरकेपीछेबैठकेदिलबहलाएँ
दूरकहींपीपलकेनीचेमनकीजोतजगाएँ
आओग़मकोभूलभीजाएँ
आओशहरसदूरचलें
  - Yusuf Kamran
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