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Yasir Mustafvi
ham to shayar hain ha
ham to shayar hain ha | हम तो शायर हैं हमें वस्ल की परवाह नहीं
- Yasir Mustafvi
हम
तो
शायर
हैं
हमें
वस्ल
की
परवाह
नहीं
हम
तुझे
अपने
ख़्यालात
में
छू
लेते
हैं
- Yasir Mustafvi
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कमाने
का
कोई
ज़रिया
नहीं
होती
ये
फनकारी
मगर
फ़ाक़े
बिता
कर
कोई
शायर
जी
नहीं
सकता
AYUSH SONI
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तेरे
बग़ैर
भी
जी
कर
दिखा
दिया
मैंने
दुआएँ
दे
तुझे
शाइर
बना
दिया
मैंने
Anjum Rehbar
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ज़िंदगी
पर
इस
से
बढ़
कर
तंज़
क्या
होगा
'फ़राज़'
उस
का
ये
कहना
कि
तू
शाएर
है
दीवाना
नहीं
Ahmad Faraz
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साथ
में
तू
मेरे
दो
गाम
तो
चल
सकता
है
इतना
चलने
से
मेरा
काम
तो
चल
सकता
है
तेरे
दिल
में
किसी
शायर
की
जगह
तो
होगी
इस
इलाके
में
मेरा
नाम
तो
चल
सकता
है
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Ashu Mishra
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अच्छे
शे'र
सुनाने
वाले
लड़के
सुन
अच्छे
शायर
तन्हा
ही
रह
जाते
हैं
Ritesh Rajwada
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मेरे
शायर!
मैं
वही
हुस्ने-दिलावेज़,
जिसे
चाहने
वाले
बहुत,
जानने
वाले
कम
हैं
Subhan Asad
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किसी
बहाने
से
उसकी
नाराज़गी
ख़त्म
तो
करनी
थी
उसके
पसंदीदा
शाइर
के
शे'र
उसे
भिजवाए
हैं
Ali Zaryoun
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वो
पूछते
फिरते
हैं
मेरे
बारे
में
सब
सेे
इक
मेरा
भी
शायर
है
उसे
तुमने
सुना
क्या?
Nawaz Deobandi
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ये
भी
अच्छा
हुआ
मौत
ने
आकर
हमको
बचा
लिया
वरना
हालत
ऐसी
थी,
हम
शायर
भी
हो
सकते
थे
Bhaskar Shukla
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बात
ऐसी
भी
भला
आप
में
क्या
रक्खी
है
इक
दिवाने
ने
ज़मीं
सर
पे
उठा
रक्खी
है
इत्तिफ़ाक़न
कहीं
मिल
जाए
तो
कहना
उस
सेे
तेरे
शाइर
ने
बड़ी
धूम
मचा
रक्खी
है
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Ismail Raaz
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शाम-ए-आख़िर
है
दिसंबर
की
ज़रा
बैठ
तो
लें
क्या
ख़बर
अगले
बरस
हमको
न
ये
शाम
मिले
Yasir Mustafvi
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हम
से
बिछड़े
हैं
कई
लोग
हमारे
अपने
हम
ने
हर
ईद
पे
क़ुर्बान
किया
है
कुछ
कुछ
Yasir Mustafvi
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मुझे
भी
मौत
नहीं
ढूँढ़
पाई
आज
तलक
खु़दारा
कोई
पता
दे
उसे
मैं
ज़िन्दा
हूँ
Yasir Mustafvi
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दिन
ईद
का
है
और
बहुत
दूर
है
तू
भी
मैं
ईद
मनाऊॅं
कि
तिरा
हिज्र
मनाऊॅं
Yasir Mustafvi
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भरते
कहाँ
हैं
ज़ख्म-ए-जिगर
सर्द
में
कभी
रह
रह
के
दिल
का
दर्द
उभरता
है
आज
भी
Yasir Mustafvi
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