dil ke lutne pe kya kare koi | दिल के लुटने पे क्या करे कोई

  - Yaqoob Parwaz
दिलकेलुटनेपेक्याकरेकोई
किससेजाकरपताकरेकोई
सोचताहूँकिकिसभरोसेपर
जानतुमपरफ़िदाकरेकोई
या'नीउम्र-ए-ख़िज़रतोहासिलहो
चंदसाँसोंकाक्याकरेकोई
एकहीतोसदा-ए-मजनूँहै
मेरेदुखकीदवाकरेकोई
उसपेलाज़िमउसीकाहोजाना
जिसकोकुछभीअताकरेकोई
कोईरस्तानिकलहीआताहै
इकज़राआसराकरेकोई
गाहचलतीब-गाहरुकतीहै
ऐसीधड़कनकाक्याकरेकोई
जूँफ़रिश्ताअजलकाआताहै
ऐसेवादा-वफ़ाकरेकोई
सख़्तमुश्किलहैफ़िल-बदीहकहना
छेदहीरेमेंक्याकरेकोई
  - Yaqoob Parwaz
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy