मगरहमनेदेखा
किवीरानघाटीकादामनभराथा
बहुतसारीचीज़ें
हवाओंकेपाँवसेउलझीहुईथीं
दु'आओंकी
ख़ालीऔरऔंधीपड़ीशीशियाँ
औरटूटीहुईपंजगानानमाज़ें
नवाफ़िल-ओ-सियामकीसख़्तढालें
मसाजिदकेरस्तोंमेंतोड़ीगई
जूतियों
औरक़दम-दर-क़दम
नेकियोंकीक़तारें
वज़ाइफ़-ओ-दरूद-ओ-मुनाजातके
इकरिबनमेंबंधे
ख़ुदावंद-ए-आलमकीरस्सीकेटुकड़े
औरऐसीबहुतसारीचीज़ें
ख़ुदाकीख़ुदाईमेंबिखरीहुईथीं
किजैसेयहाँ
रातठहरेहुएकारवाँको
अबउनकीज़रूरतनथी
किबख़्शिशकाख़ालीकनस्तर
बहुतभरगयाथा
मगरनेकनामोंकीफेंकीहुई
बहुतसारीचीज़ोंके
इसढेरमें
कोईहमसेाएकादर्द
उसपरबहाएागयागर्मआँसूनहींथा
कोईभूककोकाटनेवालादिलदारचाक़ूनहींथा
सख़ावतकाख़ामोशहाथ
औरशक़ावतपेउठताहुआकोईबाज़ूनहींथा
बहुतसारीचीज़ेंथीं
लेकिनकहींभीतराज़ूनहींथा