khu | ख़ुदी का नश्शा चढ़ा आप में रहा न गया

  - Yagana Changezi
ख़ुदीकानश्शाचढ़ाआपमेंरहागया
ख़ुदाबनेथे'यगाना'मगरबनागया
पयाम-ए-ज़ेर-ए-लबऐसाकिकुछसुनागया
इशारापातेहीअंगड़ाईलीरहागया
हँसीमेंवादा-ए-फ़र्दाकोटालनेवालो
लोदेखलोवहीकलआजबनकेगया
गुनाह-ए-ज़िंदा-दिलीकहिएयादिल-आज़ारी
किसीपेहँसलिएइतनाकिफिरहँसागया
पुकारतारहाकिसकिसकोडूबनेवाला
ख़ुदाथेइतनेमगरकोईआड़ेगया
करूँँतोकिससेकरूँँदर्द-ए-ना-रसाकागिला
किमुझकोलेकेदिल-ए-दोस्तमेंसमागया
बुतोंकोदेखकेसबनेख़ुदाकोपहचाना
ख़ुदाकेघरतोकोईबंदा-ए-ख़ुदागया
कृष्णकाहूँपुजारीअलीकाबंदाहूँ
'यगाना'शान-ए-ख़ुदादेखकररहागया
  - Yagana Changezi
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