तक़ाज़ाहैइकऔरदिखाओगेक्या-क्या
ज़मीं-आसमाँसरउठाओगेक्या-क्या
हैंदरियाभी,सहराभी,ग़मभी,ख़ुशीभी
इनआँखोंमेंहमदमछुपाओगेक्या-क्या
मुझेपढ़नेवालेकहेंगेबुरासब
फ़सानेमेंमुझकोबताओगेक्या-क्या
हैना-कामकोशिशभुलानेकीमुझको
मेरीतुमनिशानीमिटाओगेक्या-क्या
गिरेबांतेराचाकहातोमेंज़ंजीर
'रज़ा'इश्क़मेंऔरकमाओगेक्या-क्या