लफ़्ज़अभीईजादहोंगेहरज़रूरतकेलिए
शरह-ए-राहतकेलिएग़मकीसराहतकेलिए
अबमिराचुप-चापरहनाअम्र-ए-मजबूरीसही
मैंनेखोलीहीज़बाँकबथीशिकायतकेलिए
मेरेचश्म-ओ-गोश-ओ-लबसेपूछलोसबकुछयहीं
मुझकोमेरेसामनेलाओशहादतकेलिए
सख़्त-कोशीसख़्त-जानीकीतरफ़लाईमुझे
मुझकोयेफ़ुर्सतग़नीमतहैअलालतकेलिए
ऑक्सीजनसेशबिस्तान-ए-अनासिरताबनाक
मुज़्तरिबहरज़ी-नफ़सउसकीरिफ़ाक़तकेलिए
मरगएकुछलोगजीनेकामुदावासोचकर
औरकुछजीतेरहेजीनेकीआदतकेलिए
आहमर्ग-ए-आदमीपरआदमीरोएबहुत
कोईभीरोयानमर्ग-ए-आदमियतकेलिए
कोईमौक़ाज़िंदगीकाआख़िरीमौक़ानहीं
इसक़दरताजीलक्यूँरफ़-ए-कुदूरतकेलिए
इस्तक़ामतऐमिरेदैर-आश्ना-ए-ग़म-गुसार
एकआँसूहैबहुतहुस्न-ए-नदामतकेलिए
कोई'नासिर'कीग़ज़लकोईज़फ़रकीमय-तरंग
चाहिएकुछतोमिरीशाम-ए-अयादतकेलिए
गुलशन-आबाद-ए-जहाँमेंसूरत-ए-शबनम'हफ़ीज़'
हमअगररोएभीतोरोनेकीफ़ुर्सतकेलिए