हमाराअज़्म-ए-सफ़रकबकिधरकाहोजाए
येवोनहींजोकिसीरहगुज़रकाहोजाए
उसीकोजीनेकाहक़हैजोइसज़मानेमें
इधरकालगतारहेऔरउधरकाहोजाए
खुलीहवाओंमेंउड़नातोउसकीफ़ितरतहै
परिंदाक्यूँँंकिसीशाख़-ए-शजरकाहोजाए
मैंलाखचाहूँमगरहोतोयेनहींसकता
कितेराचेहरामिरीहीनज़रकाहोजाए
मिरानहोनेसेक्याफ़र्क़उसकोपड़नाहै
पताचलेजोकिसीकम-नज़रकाहोजाए
'वसीम'सुब्हकीतन्हाई-ए-सफ़रसोचो
मुशाएरातोचलोरातभरकाहोजाए