andhera zehan ka samt-e-safar jab khone lagta hai | अँधेरा ज़ेहन का सम्त-ए-सफ़र जब खोने लगता है

  - Waseem Barelvi
अँधेराज़ेहनकासम्त-ए-सफ़रजबखोनेलगताहै
किसीकाध्यानआताहैउजालाहोनेलगताहै
वोजितनीदूरहोउतनाहीमेराहोनेलगताहै
मगरजबपासआताहैतोमुझसेखोनेलगताहै
किसीनेरखदिएममता-भरेदोहाथक्यासरपर
मिरेअंदरकोईबच्चाबिलककररोनेलगताहै
मोहब्बतचारदिनकीऔरउदासीज़िंदगीभरकी
यहीसबदेखताहैऔर'कबीरा'रोनेलगताहै
समझतेहीनहींनादानकैदिनकीहैमिल्किय्यत
पराएखेतोंपेअपनोंमेंझगड़ाहोनेलगताहै
येदिलबचकरज़मानेभरसेचलनाचाहेहैलेकिन
जबअपनीराहचलताहैअकेलाहोनेलगताहै
  - Waseem Barelvi
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